Ahmedabad: दो साल के बाद गरबों के साथ बिखरेगी रामलीला की रंगत

Patrika | 5 days ago | 22-09-2022 | 10:13 am

Ahmedabad: दो साल के बाद गरबों के साथ बिखरेगी रामलीला की रंगत

नगेन्द्र सिंह Ahmedabad. कोरोना महामारी के दो साल के बाद एक ओर जहां नौ दिन तक 26 सितंबर से गरबों की धूम मचने वाली है वहीं दूसरी ओर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन की लीला-रामलीला के मंचन की रंगत भी बिखरेगी। शहर में इसके लिए नागरवेल हनुमान मंदिर के पास और खोखरा में मद्रासी मंदिर के सामने रेलवे कोलोनी में तैयारियां शुरू हो गई हैं। साणंद और बिहार से इस वर्ष रामलीला के मंचन के लिए मंडलियों को बुलाया गया है। विजया दशमी महोत्सव समिति नागरवेल के पदाधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि कोरोना का संक्रमण इस साल काबू में है। ऐसे में इस वर्ष रामलीला का मंचन हर्षोउल्लास के साथ और बड़े पैमाने पर किया जाएगा। इसी तैयारी शुरू कर दी गई है। कोरोना महामारी के चलते बीते दो साल रामलीला का मंचन नहीं किया जा सका था। हालांकि परंपरा को निभाया गया था। इस साल भी 2019 की तरह साणंद से श्री ठाकुर प्रचार मंडल, श्री ठाकुर प्रसाद बलदेवप्रसाद मंडली को रामलीला के मंचन के लिए बुलाया गया है। नौ दिनों तक रामलीला के मंचन के बाद दसवें दिन दशहरा को भी मनाया जाएगा। दो सालों से दशहरा पर्व भी नहीं मनाया गया था। नागरवेल में लगातार 55 सालों से रामलीला का आयोजन होता आ रहा है। कोरोना के चलते दो साल नहीं हुआ था। मंच बनाने की कर दी गई है शुरुआतखोखरा रेलवे कोलोनी में बीते 58 सालों से रामलीला का आयोजन करने वाले श्री भालकेश्वर सेवा समिति ट्रस्ट के दशहरा महोत्सव मंडल के अध्यक्ष चरण सिंह राजपूत ने बताया कि कोरोना के चलते दो साल तक रामलीला का आयोजन नहीं किया जा सका था। इस बार संक्रमण काबू में है जिससे रामलीला का आयोजन पहले की तरह ही किया जाएगा। इस बार बिहार से रामलीला मंडली बुलाई है। 1962 से यहां रामलीला होती आ रही है। लाउड स्पीकर की रात 12 बजे तक छूट से राहतरात 12 बजे तक लाउड स्पीकर बजाने की मंजूरी मिलने से नवरात्रि में गरबा आयोजकों की तरह ही रामलीला के आयोजक भी खुश हैं। विशेषरूप से दशहरा वाले दिन रात 12 बजे तक लाउड स्पीकर बजने की मंजूरी दिए जाने को वे सकारात्मक पहल बता रहे हैं। दो सालों से दशहरा पर्व भी नहीं मनाया गया था। इस बार दशहरा भी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन ये प्रसंग26 सितंबर को नारद मोह और रावण जन्म, 27 को राम जन्म मुनि आगमन,नगर दर्शन, 28 को धनुष भंग, राम विवाह, 29 को दशरथ प्रतिज्ञा, चित्रकूट निवास, दशरण मरण, 30 को भरत मनावन, पंचवटी निवास, 1 अक्टूबर को सीताहरण, राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध, 2 अक्टूबर को लंका दहन, रामेश्वर स्थापना, अंगद पैज, तीन अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध, चार अक्टूबर को मेघनाथ वध, हनुमान पाताल विजय, पांच अक्टूबर को रावण वध, राम राज्य, भरत मिलाप-दशहरा

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