Gujrat के ३२,०१३ सरकारी स्कूलों में दिलाया जाएगा बच्चों को प्रवेश

Patrika | 1 week ago | 22-06-2022 | 08:25 am

Gujrat के ३२,०१३ सरकारी स्कूलों में दिलाया जाएगा बच्चों को प्रवेश

गांधीनगर. गुजरात सरकार गुरुवार से अगले तीन दिनों तक यानी २३, २४ और २५ जून के दिन अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम विद्यालय प्रवेशोत्स्व के १७वें संस्करण का शुभारंभ करेगी। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल बनासकांठा जिले में वडगाम तहसील के मेमदपुर प्राथमिक स्कूल से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री दूसरे दिन तापी जिले में नीझर तहसील के रुमकी तलाव प्राथमिक विद्यालय में बच्चों का प्रवेश करवाएंगे। वहीं, इस कार्यक्रम के अंतिम यानी तीसरे दिन मुख्यमंत्री पटेल अहमदाबाद शहर में महानगर पालिका के मेमनगर प्राथमिक विद्यालय का दौरा कर वहां बच्चों को प्रवेश दिलवाएँगे। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्ष यह कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था और इससे पूर्व के वर्ष (२०१९-२०) चक्रवात आने के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका था। मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, सांसद, विधायक शामिल होंगे प्रवेशोत्सव में विद्यालय प्रवेशोत्सव के १७वें संस्करण को राज्य के १८,००० गांवों के ३२,०१३ प्राथमिक स्कूलों में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, सांसद, विधायक, राज्य सरकार के सभी आईएएस-आईपीएस -वरिष्ठ अधिकारी तीन दिन (२३, २४, २५ जून २०२२) स्कूलों का दौरा करेंगे और स्वयं कक्षा १ में बच्चों को प्रवेश दिलाएंगे। इन तीन दिनों में वे प्रतिदिन ३ स्कूलों का दौरा करेंगे और माता-पिता, समुदायों और स्कूलों को बच्चों के नामांकन के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान हर दिन तीसरे विद्यालय में क्लस्टर के रूप में कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और २४ जून को ब्लॉक हेडक़्वॉर्टर्स में ब्लॉक स्तर की समीक्षा की जाएगी। 'प्राथमिक कक्षाओं में 100 फीसदी बच्चों का नामांकन लक्ष्यÓÓ गुजरात में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और इस कार्यक्रम की विशेषताओं के बारे में बात करते हुए शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि गुजरात के हर बच्चे को गुणवत्ता शिक्षा प्राप्त हो यही हमारा ध्येय है। प्राथमिक स्कूलों में पढऩे वाले ये बच्चे ही हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। इसलिए यह हम सभी की सामूहिक जि़म्मेदारी है कि हम अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। राज्य सरकार का विद्यालय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम इस दिशा में अब तक पूरी तरह सफल साबित हुआ है। इस बार हमारा लक्ष्य 100 फीसदी पात्र बच्चों का नामांकन करना है।

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