Gujrat government : ''दो दशकों में गुजरात में स्कूल छोडऩे की दर 91.89 प्रतिशत घटीÓ

Patrika | 1 week ago | 22-06-2022 | 08:02 am

Gujrat government : ''दो दशकों में गुजरात में स्कूल छोडऩे की दर 91.89 प्रतिशत घटीÓ

गांधीनगर. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने स्कूल प्रवेशोत्सव की अब तक की सफलता को लेकर कहा कि विद्यालय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के कारण पिछले 20 वर्षों में गुजरात ने स्कूल छोडऩे की दर में 91.89 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी देखी है। 2002 में गुजरात में स्कूल छोडऩे की दर 37.22 फीसदी थी, जो 2022 में घटकर मात्र 3.07 फीसदी रह गई है। राज्य के हर एक बच्चे को शिक्षा प्राप्त हो, यही प्राथमिकता भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने 2003 में इस अनूठे कार्यक्रम की शुरुआत की थी। हमें इस बात का गर्व है कि गुजरात इकलौता ऐसा राज्य है, जो इस अनूठे कार्यक्रम को हर वर्ष आयोजित करता है और सरकारी स्कूलों में बच्चे प्रवेश लें इसे सुनिश्चित करता है।ÓÓ 'प्राथमिक कक्षाओं में 100 फीसदी बच्चों का नामांकन लक्ष्यÓÓ गुजरात में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और इस कार्यक्रम की विशेषताओं के बारे में बात करते हुए शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि गुजरात के हर बच्चे को गुणवत्ता शिक्षा प्राप्त हो यही हमारा ध्येय है। प्राथमिक स्कूलों में पढऩे वाले ये बच्चे ही हमारे राज्य और देश का भविष्य हैं। इसलिए यह हम सभी की सामूहिक जि़म्मेदारी है कि हम अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। राज्य सरकार का विद्यालय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम इस दिशा में अब तक पूरी तरह सफल साबित हुआ है। इस बार हमारा लक्ष्य 100 फीसदी पात्र बच्चों का नामांकन करना है। चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के डाटाबेस को पहली बार किया जाएगा इंटीग्रेट गुजरात सरकार विद्यालय प्रवेशोत्सव 17वें संस्करण में 100 फीसदी पात्र बच्चों के नामांकन का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग के जन्म पंजीकरण के डेटा और विद्या समीक्षा केन्द्र के चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम को इंटीग्रेट करेगी। ऐसा कर राज्य सरकार यह देख पाएगी किराज्य में कितने बच्चों ने जन्म लिया है और उसके सापेक्ष कितने पात्र बच्चों ने प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश लिया है ? इस बार राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों में बीच में ही स्कूल छोडऩे वाले बच्चों का यथोचित कक्षा 2 से 8 में पुन: नामांकन भी करेगी और साथ ही, बच्चों की अनुपस्थिति, और संभावित ड्रॉपआउट को रोकने के लिए सभी निजी, अनुदान प्राप्त स्कूलों और सरकारी स्कूलों में नामांकित बच्चों की 100 फीसदी डाटा-एंट्री भी करेगी।

Google Follow Image